सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जाट आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। दरअसल शीर्ष कोर्ट ने जाट समुदाय को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा घोषित कर ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने का केंद्र सरकार का फैसला निरस्त कर दिया था। केंद्र ने पुनर्विचार याचिका लगाई थी रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को इस संबंध में कहा, हम केंद्र के इस रूख से सहमत नहीं कि नौ राज्यों में जाट पिछडे हुए हैं, इसलिए ओबीसी की केंद्रीय सूची में जगह दी जाए। कोर्ट ने मार्च में केंद्र का जाटों को नौकरियों ओर शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण का विवादित फैसला निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने तब सरकार के फैसले को नकारात्मक और प्रतिगामी बताया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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