देर रात तक खुला रहा सुप्रीम कोर्ट
(India)
देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी केस पर सुनवाई के लिए देर रात सुप्रीम कोर्ट खुली हो। 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन की याचिका बुधवार को पहले सुप्रीम कोर्ट, फिर गवर्नर और बाद में राष्ट्रपति के दरवाजे से खारिज होने के बाद उसके वकीलों ने गुरुवार रात एक आखिरी कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के कुछ सीनियर लॉयर्स ने याकूब की फांसी पर 14 दिन की रोक लगाने की मांग को लेकर रात दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवाया। तीन बजकर 20 मिनट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने याकूब की फांसी को बरकरार रखते हुए वकीलों की याचिका खारिज कर दी।याकूब की ओर से वकील आनंद ग्रोवर ने दलीलें दी।अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार का पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने याकूब की फांसी को बरकरार रखा। मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा, प्रफुल्ल चंद्र पंत और अमिताभ रॉय कर रहे थे। याकूब के वकील ने जज के सामने 6 दलीलें पेश की और जेल मैन्यूल का हवाला देते हुए कहा कि याकूब को फांसी के लिए 14 दिनों का समय दिया जाना चाहिए। याकूब के वकील की दलीलें पूरी होने के बाद अटॉर्नी जनरल मुकुल

Author: JAN TV Editorial Team

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