बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफिक सामग्री वाली वेबसाइटों पर बैन बरकरार
(India)
अश्लील और हास्य सामग्री परोसने वाली 857 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर तीखी आलोचना का सामना कर रही सरकार ने आज उन सभी वेबसाइटों पर से प्रतिबंध हटा लिया, जिन पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री नहीं होती। आंख मूंदकर प्रतिबंध लगाने को लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य फोरम में भारी आलोचना का सामना करने के बीच दूरसंचार विभाग ने आज एक आदेश में कहा, ‘मध्यस्थों (आईएसपी) को निर्देश दिया जाता है कि वे 857 यूआरएल (वेबसाइटों) में किसी को भी निष्क्रिय नहीं करने के लिए स्वतंत्र है बशर्ते उनमें बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफिक सामग्री न हो।’ उच्च सूत्रों ने कहा, ‘सरकार एक अंतरिम उपाय के तौर पर इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफी सामग्री परोसने वाली वेबसाइट को बंद करने का निर्देश दे रही है। अदालत में सुनवाई के बाद अन्य चीजों पर विचार किया जाएगा।’ उल्लेखनीय है कि दूरसंचार विभाग ने 31 जुलाई को अपने आदेश में नैतिकता का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से 857 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने को कहा था। इसमें हास्य सामग्री साइट परोसने वाली 9जीएजी तथा कॉलेज ह्यूमर के साथ प्लेब्वाय जैसी वेबसाइट शामिल थी।सरकार के निर्देश के बाद से सोशल मीडिया तथा अन्य मंचों पर बहस छिड़ गई और सरकार पर इंटरनेट सेंसरशिप का आरोप लगाया गया। इसके बाद दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आज उच्च स्तरीय बैठक की।उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आईटी सचिव आर एस शर्मा तथा अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल पिंकी आनंद समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद प्रसाद ने कहा कि बैठक में यह निर्णय किया गया है कि आईएसपी से तत्काल उन वेबसाइसाइटों पर प्रतिबंध नहीं लगाने को कहा जाएगा, जो बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री नहीं परोसतीं।

Author: JAN TV Editorial Team

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