महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसले में दही हांडी महोत्सव के दौरान बनाए जाने वाले गोविंदाओं के मानव पिरामिडों को साहसिक खेल की संज्ञा दी है। साथ ही स्पष्ट किया कि इसमें 12 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल नहीं हो पाएंगे। महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री विनोद तावड़े ने कहा है कि सरकार इस खेल में एकता, टीम भावना और अनुशासन को महत्वपूर्ण मानती है। यह खेल केवल दही हांडी में नहीं खेला जाएगा बल्कि सभी खेल स्पर्धाओं में भी शामिल होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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