आज से जयपुर में दूसरा फिपिक सम्मेलन होने जा रहा है इससे पहले प्रशांत द्वीप समूह के देशों के राष्ट्रअध्यक्षों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि प्रशांत द्वीप समूह के देशों के खनिज, सामुद्रिक व हाइड्रोकार्बन संसाधनों को उपयोग में लाने के लिए भारत उनके साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। प्रशांत द्वीपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों को राष्ट्रपति भवन में संबोधित करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि प्रशांत द्वीप समूह देश प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न हैं। फिपिक के सदस्य भारत और 14 प्रशांत द्वीप समूह के देश हैं। फिपिक शिखर सम्मेलन में जो द्वीप देश हिस्सा ले रहे हैं, उनमें फीजी, कुक द्वीप समूह, मार्शल द्वीप समूह, नौरू, नियू, पलाए, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, तुआलु, वानुअतु, किरिबाती, मिक्रोनेशिया, सोलोमन द्वीप समूह और टोंगा शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।