सीबीआई ने आरोप लगाया कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुमराह किया था. यही नहीं, जांच एजेंसी ने कहा कि पूर्व मंत्री को गलतबयानी की आदत है. विशेष अदालत में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में अंतिम बहस को आगे बढ़ाते हुए विशेष सरकारी वकील आनंद ग्रोवर ने कहा कि राजा ने जानबूझकर तत्कालीन प्रधानमंत्री को नीतिगत मसलों पर गलत तथ्यों की जानकारी दी और वह तय प्रक्रियाओं से हटे. तत्कालीन प्रधानमंत्री ने राजा को लिखे पत्र में लाइसेंस आवंटन में ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने को कहा था और यह भी कहा था कि कोई फैसला लेने से पहले वह उन्हें इस बारे में सूचित करें. ग्रोवर ने विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी से कहा, राजा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रक्रिया की जानकारी दी थी. उन्होंने प्रधानमंत्री को जो बताया था वह रिकॉर्ड के उलट था. राजा ने मनमोहन को लिखे पत्र में गलतबयानी की थीं. यह राजा ने जानबूझकर किया था क्योंकि वह यह जानते थे कि प्रधानमंत्री को जो बता रहे हैं वह गलत है. उन्होंने कहा कि राजा में गलतबयानी की आदत थी. यहां तक कि प्रधानमंत्री से भी. ग्रोवन ने कहा कि राजा ने 2जी लाइसेंस पाने की इच्छुक कंपनियों के लिए आवेदन प्राप्त करने की कटऑफ की तारीख अपनी कलम से एक झटके में बदल दी. इससे 575 आवेदक कंपनियों में से 408 दौड़ से बाहर हो गईं. बहस बुधवार को पूरी नहीं हो पाई और यह गुरुवार को भी जारी रहेगी. राजा सहित 16 लोग इस मामले में अभियुक्त हैं.
Author: JAN TV Editorial Team
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