सरकार अगले एक दो दिन में पूर्व सैनिकों के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’ पर अमल का ऐलान कर सकती है। सरकार पहली जुलाई 2014 से इसका लाभ देने पर सहमत हुई है। सूत्र बताते हैं कि इसके समझौते का फार्मूला तैयार हो गया है। सरकार ने पूर्व सैनिकों की तीन में से दो मांगें मान ली हैं, एक को लेकर गतिरोध है। माना जा रहा है कि जल्द की कोई बीच का रास्ता निकाल लिया जाएगा और सरकार इसके अमल की घोषणा कर देगी। चार दशक से चली आ रही पूर्व सैनिकों की इस मांग पर पहली बार कोई सरकार निर्णय लेने को तैयार हुई है। इस बीच, वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गई तो वे अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का एकतरफा फैसला हमें कतई मंजूर नहीं होगा। सूत्रों का कहना है कि पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनकी सेवाओं को देखते हुए सरकार कठिन आर्थिक और वित्तीय परिस्थितयों में भी इसका बोझ उठाने को तैयार है। वन रैंक वन पेंशन लागू होने से सरकार के खजाने पर आठ हजार से दस हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सरकार के इस फैसले का सर्वाधिक लाभ सिपाही से लेकर अन्य नन कमीशंड अधिकारियों को मिलेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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