भ्रष्टाचार को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त
(India)
देश की सर्वोच्च अदालत ने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के मामले में लिए सभी अदालतों को सख्त निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने ‘जीरो टॉलरेंस’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामले में किसी को भी सजा सुनाते वक्त कोई माफी या क्षमा नहीं दी जाए.जस्टिस दीपक मिश्रा और प्रफुल्ल सी पंत की बेंच ने कहा कि कोर्ट को भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए. खासकर ऐसे समय में जब देश में भ्रष्टाचार की दर लगातार बढ़ रही है और लोगों से लेकर प्रशासन तक का नैतिक स्तर दूषित हो गया है. जजों की बेंच उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एक कंडक्टर से संबंधित भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई कर रही थी. 1992 के इस मामले में बस कंडक्टर पर 25 लोगों को बेटिकट यात्रा की अनुमति देने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में श्रम अदालत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उन निष्कर्षों को भी खारिज कर दिया, जिसके आधार पर कंडक्टर की बहाली के आदेश दिए गए थे।




Author: JAN TV Editorial Team

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