(India)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस संबंध में फैसला किया गया। सूत्रों ने बताया कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने थोक खरीदारों को खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के जरिए करीब 1 करोड़ टन की बिक्री को मंजूरी दी। सूत्रों ने कहा कि ओएमएसएस के तहत पुराने गेहूं का आरक्षित मूल्य 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है जिसके अतिरिक्त ढुलाई शुल्क का भी प्रावधान है। नये गेहूं की कीमत 5 प्रतिशत अधिक होगी। गेहूं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एफसीआई की ई-निविदा प्रक्रिया के जरिए बेचा जाएगा जिसका लक्ष्य है एफसीआई का भंडार का दबाव करने के अलावा गेहूं की घरेलू आपूर्ति बढ़ाना और मूल्य नियंत्रित करना। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में गेहूं की कीमत मजबूत हुई है। घरेलू बाजार में जुलाई मे गेहूं का थोकबिक्री मूल्य बढ़कर 19 रुपये प्रति किलो हो गया जो पिछले साल इसी माह में 16.10 रुपये प्रति किलो था। वित्त वर्ष 2013-14 में सरकार ने ओएमएसएस के जरिए 85 लाख टन गेहूं बेचने की घोषणा की थी लेकिन सिर्फ 58 लाख टन गेहूं की बेचा जा सका था जिससे करीब 9,310 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस महीने की शुरुआत तक एफसीआई के बाद 4 करोड़ टन गेहूं का भंडार था जबकि जरूरत 2 करोड़ टन की थी। भारत में 2013-14 के फसल वर्ष में रिकार्ड 9.5 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।
Author: JAN TV Editorial Team
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