केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा बढाकर 49 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी। लेकिन इसमें शर्त रखी गई है कि इनका प्रबंध नियंत्रण भारतीय प्रवर्तकों के हाथ में बना रहेगा। सरकार के इस कदम से बीमा क्षेत्र में 25000 करोड़ रुपये का विदेश निवेश मिल सकता है। बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 26 प्रतिशत से बढाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव 2008 से ही लंबित था। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से दीर्घकालिक पूंजी आने तथा कुल निवेश माहौल में सुधार की उम्मीद की जा रही है।नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राजग सरकार की यह पहली बड़ी सुधारवादी पहल है और इससे रक्षा और रेलवे जैसे क्षेत्रों में एफडीआई नियमों में ढील दिए जाने की उम्मीद बढी है। सूत्रों ने बताया, श्सीसीईए ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 26 प्रतिशत से बढाकर 49 प्रतिशत करने को मंजूरी दी है।श्उन्होंने कहा कि 26 प्रतिशत से अधिक निवेश वाले सभी प्रस्तावों को एफआईपीबी से मंजूरी लेनी होगी और भारतीय प्रवर्तकों के पास प्रबंधन पर नियंत्रण बना रहेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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