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करीब एक दशक तक सशस्त्र विद्रोह की अगुवाई करने के बाद सात वर्ष पहले सक्रिय राजनीति में उतरे प्रचंड के अनुसार उन्होंने मोदी को जहनी तौर पर नेपाल में आर्थिक प्रगति और शांति प्रक्रिया का समर्थन करने के बारे में ‘बहुत स्पष्ट’ पाया भारत के आलोचक रहे नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने मोदी के साथ मुलाकात के बाद कहा, ‘हमारी बैठक बहुत सार्थक रही। भारत और नेपाल के रिश्तों में एक नयी पहल शुरू हुई है। यह सचमुच ऐतिहासिक है।’ दोनो नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य के बारे में विचार विमर्श किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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