चीन की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए भारत, अमेरिका और जापान की नौसेना आज से प्रशांत महासागर में नौसैन्य अभ्यास की अपनी मालाबार श्रृंखला शुरू करेंगे। मुख्य रूप से भारत और अमेरिका के बीच होने वाले मालाबार श्रृंखला नौसैन्य अभ्यास में जापान और अन्य देशों की भागीदारी पर चीन ने पूर्व में आपत्ति जतायी थी। 2009 में अंतिम अभ्यास में जापान शामिल हुआ था। नौसैन्य अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी चीन सागर से जुड़े क्षेत्र में प्रशांत महासागर में बेहद जटिल ‘नौसैन्य अभ्यास’ में अमेरिकी नौसेना का नवीनतम विमानवाहक पोत यूएसएस जार्ज वाशिंगटन तथा भारत अपने तीन युद्धपोतों के साथ हिस्सा ले रहा है। भारत ने बेड़े की मदद के लिए टैंकर जहाज आईएनएस शक्ति के साथ ही आईएनएस रणविजय और शिवालिक सहित तीन युद्धपोतों को भेजा है।भारत और अमेरिका 1992 के बाद से मालाबार श्रृंखला युद्धाभ्यास के 17 संस्करण कर चुके हैं और 2007 में प्रशांत महासागर में जापान के साथ आस्ट्रेलिया तथा सिंगापुर को शामिल किया गया। इसके बाद चीन सरकार ने आपत्ति जतायी थी। भारत ने अन्य को शामिल करने पर तो रोक लगा दी लेकिन पिछले साल भारत के प्रधानमंत्री के जापान दौरे और जापानी प्रधानमंत्री की पारस्परिक यात्रा के बाद भारत इस अभ्यास में जापान को शामिल करने पर सहमत हो गया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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