चीन ने लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ की बात को पहली बार स्वीकार किया है। चीनी सेना ने गुरुवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में अलग-अलग धारणाओं के चलते इस तरह की घटनाएं होती हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल गेंग यानशेंग ने कहा कि पिछले साल सीमाई क्षेत्रों में ऐसी कुछ घटनाएं हुई। मगर हमने वार्ता के जरिये विवाद में पड़े बिना इन्हें सुलझा लिया। यानशेंग ने 2013 में देपसांग घाटी की घटना का जिक्र किए बिना कहा कि सीमा रेखा अभी तक चिन्हित नहीं हो पाई है। दोनों देश 4,000 किमी से भी लंबी एलएसी के बारे में अलग-अलग राय रखते हैं। पिछले साल अप्रैल में देपसांग में चीनी सेना ने भारतीय इलाके में घुसकर अपने टैंट लगा दिए थे। चीनी प्रधानमंत्री ली कछ्यांग की भारत यात्रा से ठीक पहले हुई इस घटना के चलते दोनों देशों में तनाव पैदा हो गया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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