(DELHI, India)
इस खास मौके पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने विकास को तेज गति देने की खातिर कई योजनाओं की घोषणा की और चरमपंथियों से हिंसा छोड़ने की अपील की। राज्यों की राजधानियों में शानदार परेडों और रंगारंग समारोहों का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। माओवादियों एवं कुछ उग्रवादी संगठनों की ओर से स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विकास, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा और उग्रवाद से निपटने जैसे मुद्दों को उठाते हुए नेताओं ने अपने-अपने राज्यों की चुनौतियां सामने रखीं और उनसे मुकाबले के कदमों का ऐलान किया। श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बख्शी स्टेडियम में तिरंगा फहराया। उमर ने यह कहते हुए अलगाववादियों की ‘बहिष्कार की राजनीति’ को आड़े हाथ लिया कि इससे कुछ हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने जनता से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की और कहा कि इससे विकास में मदद मिलती है। उमर ने कहा कि चुनावों के बहिष्कार से पिछले 25 साल में क्या हासिल हुआ है? जम्मू में बड़ी तादाद में मतदान होता है, लद्दाख में बड़ी तादाद में मतदान होता है पर कश्मीर में ऐसा नहीं होता। 25 साल से ज्यादा समय से चली आ रही अलगाववादियों की बहिष्कार की राजनीति से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
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