(DELHI, India)
देश के प्रमुख नक्सल-रोधी अभियान बल सीआरपीएफ के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती के चलते इसमें मरने वाले जवानों की संख्या उन सभी बलों से ज्यादा रहती है, जो आंतरिक सुरक्षा में तैनात हैं। सीआरपीएफ ने उन सभी मरने वाले सैनिकों और अधिकारियों के नाम के आगे तत्काल प्रभाव से ‘शहीद’ जोड़ने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिनकी मौत ड्यूटी करते समय हुई है। हाल ही में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक दिलीप त्रिवेदी ने इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों को लागू करने के लिए लिखा है। त्रिवेदी ने बताया, ‘हमारे मृतक जवानों को एक सम्मानजनक तरीके से संबोधित करने की मांग हर ओर से हो रही थी। हमने पाया कि हमें इस संबंध में फैसला लेने से कोई भी चीज रोकती नहीं है, और अपने शहीदों को पूर्ण सम्मान देने के लिए हमने हाल ही में उनके नामों के पहले ‘शहीद’ लगाने के निर्देश जारी किए हैं।’ नक्सल-रोधी अभियानों में सीआरपीएफ के सबसे ज्यादा (लगभग 90 हजार) जवान तैनात हैं। वर्षों से माओवादियों के साथ लड़ाई में सैकड़ों जवानों ने अपनी जान गंवाई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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