मणिपुर की एक अदालत के फैसले के बाद पिछले 14 साल से भूख हड़ताल कर रही सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला चानू को बुधवार को रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते समय चानू ने रोते हुए कहा कि मुझे लोगों का सहयोग चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता चानू ने कहा कि वह सशस्त्र सेना विशेषाधिकार अधिनियम के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगी। यह बेहद कड़ा कानून है। स्थानीय अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इरोम पर आत्महत्या का प्रयास करने का आरोप नहीं लगा सकती है क्योंकि प्रशासन यह साबित नहीं कर पाया है कि वह आत्महत्या का प्रयास कर रही हैं। चानू के स्वास्थ्य बिगड़ती हालत के कारण उन्हें इम्फाल के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के स्पेशल वॉर्ड में भर्ती किया गया था जिसके कमरे को बाद में सब-जेल घोषित कर दिया गया था। चानू की रिहाई पर प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने उन्हें बधाई दी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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