आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू का अस्तित्व सबसे पुराना है। भागवत ने कहा कि हिंदूत्व से नया रास्ता मिलेगा। हिंदू मतलब अनेकता में एकता है। दुनिया को सिखाने का सही वक्त है क्योंकि 2000 साल से सही रास्ता नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दुनिया को सिखाने का दायित्व हिंदुओं का है। दुनिया में ज्ञान देने के लिए हिंदूओं को भेजा गया। यह कार्यक्रम 23 नवम्बर तक चलेगा। वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन तीन दिवसीय विश्व हिंदू कांग्रेस 2014 का आयोजन कर रहा है जिसका विषय ‘संगच्छध्वम संवदध्वम’ (साथ चलें, मिलकर सोचें) के हिंदू सिद्धांत पर आधारित है। सम्मेलन में 40 से अधिक देशों के करीब 1500 प्रतिनिधि भाग ले सकते हैं। यह हिंदू समाज को दुनियाभर में आने वाली चुनौतियों के समाधान तलाशने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा
Author: JAN TV Editorial Team
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