(DELHI, India)
विदेशों में जमा कालेधन के मुद्दे पर राज्यसभा में बुधवार को चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक काम जारी है। सरकार कालेधन के सभी खाताधारकों के नामों की पहचान करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यसभा में विदेशों में जमा कालेधन के मुद्दे पर हुई अल्पकालिक चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार काला धन रखने वाले लोगों का ‘सक्रियता से पीछा करेगी’ तथा अंतिम खाते की पहचान हो जाने तक वह शांत नहीं बैठेगी। विदेशों में जमा काले धन को वापस नहीं लाने के बारे में कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताये जाने और वित्त मंत्री के जवाब से अंसतोष जताते हुए कांग्रेस, वाम, तृणमूल कांग्रेस, जदयू एवं सपा के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। सरकार ने एसआईटी से कई नाम साझा किए हैं। मोदी सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक काम किया है और कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस मामले में काम जारी है। वित्त मंत्री ने कहा कि कालेधन पर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। कालेधन को लेकर जिनके नाम इसमें शामिल हैं, उनके सबूत जुटाना जरूरी है। 627 नाम एचएसबीसी बैंक के हैं और 18 नाम लिंचेस्टाइन बैंक के हैं। कई तरीकों से विदेशों में पैसा जमा किया गया है। इन सभी खातों की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि हमने कालेधन पर चर्चा की बात मानी है। अभी नाम न बता पाने की बाध्यता है और सबूत जुटाने के बाद नाम सामने लाए जाएंगे। इस मामले में जब चार्जशीट फाइल हो जाएगी, इसके बाद नाम सामने आएंगे। अभी नामों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। अभी नाम बताए तो जांच में सहयोग नहीं मिलेगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि कालेधन को लेकर सूचना आदान प्रदान का काम हो रहा है। कई देशों के साथ बात जारी है। इससे पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि विदेश में रखे काले धन को लाने की प्रक्रिया में समय लगेगा। उन्होंने यह बात विपक्ष द्वारा भाजपा के नेताओं के 100 दिनों के भीतर विदेशों से काले धन को वापस लाने के वादे के बारे में किये गये सवालों के जवाब में कही। कालेधन के बारे में सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि गोपनीयता के प्रावधान के कारण विदेशी खाता धारकों के नामों का खुलासा नहीं किया जा सकता है बशर्ते अदालत में उनके खिलाफ अभियोजन चल रहा हो। उन्होंने 627 खाताधारकों की एचएसबीसी सूची का जिक्र करते हुए कहा कि उनमें से 427 की पहचान हो चुकी है। उनमें से 250 लोगों ने बैंक खाते होने की बात स्वीकार कर ली है। इससे सरकार का काम आसान हो गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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