विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि इराक में बंधक बनाए गए 39 भारतीय सुरक्षित है और उनके मारे जाने के कोई सबूत नहीं है। उन्होंने राज्यसभा में बताया कि, हमें छह अलग-अलग सूत्रों से जानकारी मिली है कि 39 भारतीय को नहीं मारा गया है। इन छह सूत्रों के बयानों के आधार पर उनकी जांच की जाएगी। हालांकि उन्होंने कहाकि, वे जिंदा है या मारे गए इसके सबूत नहीं है।इससे पहले एक टीवी चैनल ने दावा किया था जून महीने में लापता हुए 40 में से 39 भारतीयों की आईएसआईएस के आतंकियों ने हत्या कर दी है। चैनल के अनुसार इन लोगों को आईएस ने अगवा कर लिया था और उसके बाद इनकी हत्या कर दी गई। चैनल ने यह खबर दो बांग्लादेशी मजदूरों से बातचीत के बाद दी है। हालांकि सरकार ने इस तरह की घटना से इनकार किया है। बांग्लादेशी मजदूर शफी और हसन ने दावा किया कि आईएस के चंगुल से बचकर आए एक भारतीय हरजीत ने उन्हें इस बारे मे बताया। हरजीत ने शफी को बताया कि उसके दल को बगदाद से मोसुल जाने के दौरान अगवा कर लिया गया। दल में 51 बांग्लादेशी और 40 भारतीय थे। 15 जून को सभी 40 भारतीयों को पहाड़ी क्षेत्र में ले गए और सभी को गोली मार दी। हरजीत को भी दो गोलियां लगी लेकिन उसने मरने का नाटक किया। यह जांचने के लिए कि हरजीत मरा या नहीं आतंकियों ने उसे लात मारकर देखा लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई इसक बाद वे उसे मरा समझकर छोड़ गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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