सीबीआई ने 3500 करोड़ रूपए के एयरसेल-मैक्सिस करार में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से सौदे को मंजूरी दिए जाने को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से पूछताछ की। सूत्रों ने मंगलवार किचिदंबरम से इस मामले में हाल में पूछताछ की गई है। एजेंसी ने तत्कालीन वित्त मंत्री से पूछा कि वित्त मंत्री को केवल 600 करोड़ रूपए तक के प्रस्तावों को मंजूरी देने का अधिकार होता है, जबकि एयरसेल-मैक्सिस सौदा इस सीमा से कहीं बड़ा था। संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति के समक्ष भेजा जाना चाहिए था। 600 करोड़ रूपए से अधिक के विदेशी निवेश के प्रस्तावों को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सीसीईए ही मंजूरी दे सकती थी। जांच एजेंसी ने सीबीआई की विशेष अदालत को बताया था कि यह मंजूरी कैसे दी गई, अभी इसकी जांच की जा रही है। सीबीआई के वकील के के गोयल ने अदालत से कहा था, हमने इस पहलू पर अभी जांच पूरी नहीं की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में अपने आरोप पत्र में कहा था कि मैक्सिस की मॉरीशस स्थित अनुषांगी कंपनी मैसर्स ग्लोबल कम्यूनिकेशन सर्विसेज होल्डिंग लि. ने 80 करोड़ डॉलर की मंजूरी मांगी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।