(DELHI, India)
ऎसे में मोदी और अमरीकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इन दिनों ओबामा की भारत यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी, ओबामा की भारत यात्रा को सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रखना चाहते हैं। मोदी चाहते हैं कि ओबामा अपने कार्यक्रम में कुछ समय वाराणसी के लिए भी निकाले। वाराणसी मोदी का संसदीय क्षेत्र है, ऎसे में मोदी चाहते हैं कि ओबामा वाराणसी भी आएं। फिलहाल मोदी सरकार और अमरीकी प्रशासन ओबामा की वाराणसी यात्रा की संभावनाएं तलाश रहे हैं। सरकार के सूत्रों का कहना है कि अमरीकी प्रशासन ने मोदी सरकार की भावनाओं को देखते हुए ओबामा की वाराणसी यात्रा के बारे में विचार करने का मन बना लिया है। हालांकि दोनों ही पक्षों के लिए अमरीकी राष्ट्रपति के तय कार्यक्रम से वाराणसी यात्रा के लिए समय निकालना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। राष्ट्रपति भवन में ओबामा के लिए राजकीय भोज के अलावा कई अहम द्विपक्षीय मसलों पर होने वाली चर्चाओं का दौर बड़ी चुनौती हैं। शहर का एयरपोर्ट बराक ओबामा के एयरफोर्स-1 के लिए बहुत छोटा है। सुरक्षा के दृष्टि से भी वाराणसी यात्रा में परेशानी हो सकती है। ओबामा को वाराणसी ले जाकर प्रधानमंत्री मोदी विदेश नीति और दूसरे देशों के राष्ट्रध्यक्षों को दिल्ली तक सीमित रखने की धारणा को भी खत्म करना चाहते हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान मोदी ने उनका स्वागत दिल्ली के बजाय अहमदाबाद में किया था। सूत्रों का कहना है कि पीएम चाहते थे कि भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी कुडनकुलम पावर प्लांट का दौरा करें, लेकिन प्लांट में तकनीकी खराबी और अन्य कारणों के चलते उनके कार्यक्रम को रद्दे करना पड़ा।
Author: JAN TV Editorial Team
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