बेंगलुरु में हुए ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी पटना और बोधगया में सीरियल ब्लास्टों के आरोपित सिमी के आतंकियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी। बेंगलुरु पुलिस ने भी बिहार एटीएस से पटना और बोधगया ब्लास्टों की जांच से संबंधित कुछ जानकारियां मांगी हैं. बेंगलुरु ब्लास्ट की जांच में एनआइए को कुछ ऐसे तथ्य हाथ लगे हैं, जो पटना व बोधगया ब्लास्टों की केमिस्ट्री से मेल खाते हैं. आइबी और एनआइए से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु, पटना व बोधगया धमाकों में एक ही तरह के आइइडी का इस्तेमाल किया गया है । 28 दिसंबर को बेंगलुरु में एक रेस्टोरेंट के पास हुए ब्लास्ट में हुए धमाके की जांच में जुटी आइबी और एनआइए ने बेंगलुरु में विस्फोट स्थल से बरामद विस्फोटकों की जांच केंद्रीय फोरेंसिक लैब से करायी थी और उसकी रिपोर्ट भी मिल चुकी है.रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां विस्फोट के लिए आतंकियों ने अमोनियम नाइट्रेट, जिलेटिन की छडें, बैटरी और जिस टाइमर का इस्तेमाल किया था, ठीक इसी तरह के सामान और केमिकल का इस्तेमाल उन्होंने पटना में वर्ष 2013 के 27 अक्तूबर के सीरियल धमाकों में भी किया था. दोनों हमलों में फर्क केवल इतना है कि पटना में उन्होंने जलापूर्ति में इस्तेमाल होनेवाली लोहे की पाइप का इस्तेमाल किया था, जबकि बेंगलुरु में उन्होंने लोहे की पाइप की जगह एल्यूमिनियम की पाइप का इस्तेमाल किया है. फिलहाल बेंगलुरु पुलिस द्वारा की जा रही बेंगलुरु ब्लास्ट की जांच में एनआइए फिलहाल उसकी मदद की भूमिका में है.
Author: JAN TV Editorial Team
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