देश के करीब पांच लाख कोयला श्रमिक कोयला खनन के निजीकरण के खिलाफ आज से पांच दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। हड़ताल के कारण देश में विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है। श्रमिकों के संगठन से जुड़े के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हड़ताल के कारण देश में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। श्रमिक कोयला ब्लॉक आवंटन अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं, जिसमें उनके मुताबिक कोयला खनन के निजीकरण का प्रावधान है। इंडियन नेशनल माइनवर्कर्स फेडरेशन ने कहा कि कोयला श्रमिकों के लिए यह करो या मरो का समय है।कोल इंडिया वर्कर्स फेडरेशन के श्यामल दत्ता के अनुसार, कोयला उद्योग में करीब पांच लाख श्रमिक कार्यरत हैं। सीआईएल का देश में कोयला उत्पादन पर लगभग एकाधिकार है और यह समग्र घरेलू उत्पादन में 82 फीसदी योगदान करती है। सभी केंद्रीय मजदूर संगठनों ने कोल इंडिया लिमिटेड , उसकी सहायक इकाइयों और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड से जुड़े श्रमिकों से कोयला उद्योग में छह जनवरी की प्रथम पाली से 10 जनवरी की तीसरी पाली तक पूरे आक्रामक अंदाज में पांच दिवसीय संपूर्ण हड़ताल करने का आह्वान किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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