इधर धनबाद में पांच दिवसीय हड़ताल को लेकर संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन के सामने धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार को पूंजीपतियों के हितकारी सरकार और प्रधानमंत्री को मजदूर विरोधी बताया। कोयला उद्योग को निजी हाथों में देने और केंद्र सरकार की ओर से कोयला खनन विशेष संशोधन विधेयक अध्यादेश लाए जाने के विरोध में कोल इंडिया की 5 मान्यता प्राप्त यूनियनों एटक, इंटक, बीएमएस, सीटू और एचएमएस ने 5 दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर रखी है
Author: JAN TV Editorial Team
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