सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी दिलचस्पी ब्लैकमनी के देश में वापस आने में है, ना कि नामों के खुलासे में। मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राम जेठमलानी ने कहा कि ब्लैक मनी वापस लाए जाने के लिए कानून में बदलाव से संबंधित ड्राफ्ट उन्होंने सरकार को भेजे हैं, लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं मिला है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कई नामों का खुलासा करने को कहा गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम देश में ब्लैकमनी वापस लाना चाहते हैं, हमारी दिलचस्पी नामों के खुलासे में नहीं है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि नामों के खुलासे के लिए एसआईटी से आग्रह किया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राम जेठमलानी की ओर से पेश सीनियर ऐडवोकेट अनिल दीवान ने दलील दी कि अभी तक सरकार एक भी रुपया वापस नहीं ला पाई है। इस मामले में जिनके अकाउंट विदेश में हैं, उन अकाउंट्स को फ्रीज किया जाना चाहिए। जिस अकाउंट के बारे में छानबीन चल रही है, उनके बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।