(DELHI, India)
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु को वैध बनाने के मामले में मदद करने के लिए पूर्व सॉलिसिटर जनरल टीआर अंध्यारूजिना को अदालत मित्र नियुक्त किया । सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इच्छामृत्यु आत्महत्या का एक स्वरूप है जिसे अनुमति नहीं दी जा सकती। गौर हो कि सुप्रीम कोर्ट में इच्छा मृत्यु को वैध करने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने मंगलवार को इसका विरोध किया था और कहा कि इसे खारिज किया जाना चाहिए। गौर हो कि इस मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर किया गया था। केंद्र की ओर से अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को कहा था कि इस मामले को संसद में चर्चा के लिए छोड़ा जाना चाहिए। यह संसद तय करे कि इसके लिए कानून में क्या प्रावधान होना चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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