तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन क्लब ने मद्रास हाईकोर्ट के जज और दो वकीलों को इसलिए क्लब में नहीं घुसने दिया था क्योंकि वे धोती पहनकर आए थे। इस मामले पर तमिलनाडु सरकार ने सख्त रूख अपनाया है। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई में लिप्त क्लबों के लाइसेंस कैंसिल करने से वह नहीं हिचकिचाएंगी। तमिलनाडु विधानसभा में दिए बयान में जयललिता ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है। देश की आजादी के 67 साल बाद भी ऐसी घटनाएं सामने आती है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जयललिता ने बैन को पहनावे की तानाशाही करार दिया। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु क्रिकेट क्लब से मामले पर सफाई मांगी है। जयललिता ने प्राइवेट क्लबों में धोती पर लगे बैन को खत्म करने के लिए नया कानून लाने की बात कही है। विधानसभा के इसी सत्र में कानून पारित किया जा सकता है। मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस डी हरिपाराथमन को धोती पहनकर आने के कारण तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन क्लब में घुसने नहीं दिया गया था। न्यायाधीश हरिपाराथमन को एक पुस्तक के विमोचन के लिए क्लब जाना था।
Author: JAN TV Editorial Team
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