मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का भी भरोसा बढ़ने लगा है। यही वजह है कि विश्व बैंक जैसे संस्थान ने भारत की विकास गाथा में दिल खोलकर हिस्सा लेने का फैसला किया है। विश्व बैंक ने एलान किया है कि वह अगले तीन वर्षो के दौरान भारत को 15 से 18 अरब डॉलर (रुपये की मौजूदा कीमत पर 900 अरब से 1100 अरब रुपये के बीच) का कर्ज मुहैया कराएगा। भारत की यात्रा पर आए विश्व बैंक के प्रमुख जिम योंग किम ने पिछले दो दिनों के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की है। किम मोदी और उनके आर्थिक एजेंडे से अभिभूत हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर मोदी गुजरात के तर्ज पर पूरे देश में कारोबार करने के माहौल में सुधार लाते हैं तो वैश्विक स्तर पर भारत की रैंकिंग में काफी सुधार आ सकता है। गुजरात में कारोबार करने के आधार पर भारत की रैकिंग की जाए तो यह मौजूदा से 50 पायदान ऊपर हो सकती है। अगर भारत में कारोबार करने के हालात सुधरते हैं तो विश्व बैंक यहां और निवेश कर सकता है। मौजूदा रैकिंग में देश 134 वें पायदान पर है। वर्ष 2006 के बाद से भारत की रैकिंग लगातार घट रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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