(DELHI, India)
पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह और भाजपा के विरोध की अनदेखी करते हुए मई में ही सुहाग को सेना प्रमुख के लिए नामित कर दिया था । गोरखा अधिकारी 59 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग फिलहाल सेना के उपाध्यक्ष हैं जिन्होंने श्रीलंका में 1987 के भारतीय शांतिरक्षक बल के अभियान में शिरकत की थी । सेना के 26वें प्रमुख के रूप में उनका 30 महीने का कार्यकाल होगा । सुहाग को पिछले वर्ष दिसम्बर में सेना उपाध्यक्ष बनाया गया था । इससे पहले वह 16 जून 2012 को पूर्वी सेना के कमांडर बने थे । तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह द्वारा उन पर ‘अनुशासन एवं सतर्कता’ प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर वह विवादों के केंद्र में भी थे । दूसरे कोर के कमांडर सुहाग पर बिक्रम सिंह के मई 2012 में सेना प्रमुख बनते ही प्रतिबंध हटा लिए गए थे । भाजपा ने नियुक्ति में जल्दबाजी पर सवाल उठाए थे और कहा था कि मामले को अगली सरकार पर छोड़ दिया जाए । राजग सरकार के सत्ता संभालने के तुरंत बाद रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि संप्रग सरकार की नियुक्तियों को नई सरकार जारी रखेगी ।
Author: JAN TV Editorial Team
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