बीजेपी के थिंक टैंक रह चुके गोविंदाचार्य ने सरकारी कामकाज के तौर-तरीके पर सवाल उठाए हैं। गोविंदाचार्य ने कहा है कि सरकारी कामकाज की जानकारी ई-मेल के जरिए अधिकारियों को देने से इसके लीक होने का खतरा रहता है। अब अदालत ने भी सरकार को इस बारे में निर्देश दिया है। गोविंदाचार्य का मानना है कि ऐसे में कई बार खुफिया जानकारी भी लीक होती हैं, इसलिए इंटरनेट पर गूगल सर्विसेज का इस्तेमाल न हो। इस बारे में उनके वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जल्दी ही ई-मेल पॉलिसी कैबिनेट के सामने रखी जाए। वैसे पहली नजर में तो गोविंदाचार्य की आशंका जायज ही नजर आती है. बहरहाल, देखना है कि गोविंदाचार्य की यह मुहिम आगे क्या रंग लाती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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