(DELHI, India)
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बीते दिनों लिया गया निर्णय सरकार का आखिरी फैसला है। वहीं, सीसैट विवाद का ठीकरा यूपीए सरकार पर फोड़ते हुए बीजेपी ने कहा कि मौजूदा हालात में जितना बेहतर फैसला किया जा सकता था, वह नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है। गौर हो कि 24 अगस्त को यूपीएससी की परीक्षा होनी है। सूत्रों के अनुसार, नए फॉर्मूले में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। सरकार की तरफ से कहा गया है कि अगर किसी को आपत्ति है तो सरकार उनसे बात करने के लिए तैयार है लेकिन बातचीत परीक्षा के बाद होगी। यानि इस साल की परीक्षा में नए फॉर्मूले के अलावा और कोई बदलाव नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, यानी सीसैट को लेकर अब कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यूपीएससी की सीसैट परीक्षा में जो बदलाव किए गए हैं, वे सिर्फ इस साल के लिए हैं। सिर्फ इस साल अंग्रेजी के नंबर नहीं जुड़ेंगे। इस प्रक्रिया में अब अगले साल ही बदलाव संभव है। गौर हो कि इस प्रकरण पर मचे घमासान के बीच सीसैट में बदलाव हुआ है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी की परीक्षा निकट है, ऐसे में कोई बदलाव करना मुश्किल है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार जो भी बेहतर विकल्प है उसे कर रही है। सरकार के मुताबिक परीक्षा करीब है ऐसे में किसी भी तरह की बदलाव की कोई गुजाइंश नहीं है। सरकार परीक्षा के बाद छात्रों से बातचीत करेगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने फैसला लिया था कि सीसैट को खत्म तो नहीं जाएगा, लेकिन उसके कुछ नंबर परीक्षा में नहीं जुड़ेंगे। कार्मिक मंत्रालय के मंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा था कि अंग्रेजी के नंबर मेरिट में शामिल नहीं किए जाएंगे। गौर हो कि सरकार द्वारा घोषित किए गए परिवर्तनों के साथ यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 24 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इस प्रारंभिक परीक्षा में 200 अंक (प्रत्येक) के दो अनिवार्य प्रश्नपत्र होते हैं जिन्हें सीसैट-1 और सीसैट-2 के नाम से भी जाना जाता है। इस सीसैट पैटर्न को 2011 से लागू किया गया था। इस परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय विदेश सेवा तथा अन्य सिविल सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यह तीन चरणों में आयोजित की जाती है जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार होता है। उधर, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि हम सरकार द्वारा यूपीएससी परीक्षाओं के लिए की गई घोषणाओं से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार ने प्रस्तावित परिवर्तनों के माध्यम से अपने वादों को पूरा नहीं किया है। हम चाहते हैं कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस टेस्ट को पूरी तरह से हटाए। सड़क पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के दबाव में सरकार ने बीते दिनों घोषणा की थी कि सीसैट के दूसरे प्रश्नपत्र में अंग्रेजी के अंक सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट या ग्रेड में नहीं जोड़े जाएंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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