(DELHI, India)
काटजू ने अपने ब्लॉग पर कहा है कि जस्टिस बालकृष्णन एवं जस्टिस एसएच कपाड़िया की अध्यक्षता वाला कॉलेजियम उस जज को सुप्रीम कोर्ट तक लाने में 'करीब-करीब सफल' हो गया था लेकिन तमिलनाडु के वकीलों ने इसका विरोध किया। वकीलों ने जज के 'भ्रष्टाचार से संबंधित बहुत सारे दस्तावेज साक्ष्य' के रूप में पेश कर दिए जिससे तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश का यह प्रयास विफल हो गया। काटजू के इस विवादित खुलासे पर प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस केजी बालकृष्णन तुरंत उपलब्ध नहीं हो सके। उनके कार्यालय से पता चला कि बालकृष्णन आधिकारिक दौरे पर मलेशिया गए हैं और इस सप्ताह के अंत तक लौटेंगे।
गौरतलब है कि काटजू पहले भी बालकृष्णन और दो पूर्व प्रधान न्यायाधीशों पर 'अनुचित समझौते' करने के आरोप लगा चुके हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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