‘अदालत में स्पीकर नहीं, सरकार देगी जवाब’
(India)
लोकसभा में विपक्ष के नेता को लेकर चल रही बहस के बीच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उठाए गए सवाल ने इस मामले को नई गर्माहट दे दी है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने यह कहते हुए गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है कि उन्होंने अध्यक्ष के नाते जो निर्णय लिया है, वह डायरेक्टिव ऑफ स्पीकर के नियमानुसार ही लिया है. यदि कुछ करना है तो सरकार को करना है, अध्यक्ष को नहीं. महाजन ने कहा कि नियम में साफ लिखा है कि सदन में विपक्ष का नेता उसी दल से बनेगा जिसकी संख्या एक बटा 10 से अधिक होगी. महाजन ने कहा कि गठजोड़ करके भी यदि सदन में विपक्ष का नेता बनाया जाए तो भी उसके नियम साफ हैं. गठजोड़ वाले दलों का चुनावी घोषणा पत्र एक होना चाहिए, मुझे गठजोड़ के दलों की तरफ से जो पत्र सौंपे गए थे, उसमें सदन में उनके पार्टी का नेता कौन होगा उसके बारे में बताया गया था, वैसे भी गठजोड़ सीटों को लेकर बना था, चुनाव के समय उनके घोषणा-पत्र अलग-अलग थे.उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जो कहा है उसका जवाब लोकसभा अध्यक्ष को नहीं सरकार को देना है, सरकार जवाब देगी. रही बात सदन में विपक्ष के नेता की तो यह सरकार का काम है कि वह इसके लिए बनी नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव लाए. सारा प्रश्न सदन में विपक्ष की पार्टी के मान्यता को लेकर है, प्रजातंत्र में तो विपक्ष होता है और है.

Author: JAN TV Editorial Team

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