भाजपा नेता विजेंदर गुप्ता के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हाजिर न होने पर स्थानीय अदालत ने उन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में शीला पर कोर्ट ने दूसरी बार जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी कोर्ट में पेश न होने पर उन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। दिल्ली के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने शनिवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने शीला के वकील से कहा कि जुर्माने के दो लाख रुपये दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकार में जमा किए जाएं और एक लाख रुपये विजेंद्र गुप्ता को दिए जाएं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को निर्धारित करते हुए उस दिन शीला को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। गत मंगलवार को केरल के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने वाली शीला दीक्षित ने अदालत में एक अर्जी दायर कर कुछ राजनीतिक कार्यों में व्यस्तता के आधार पर निजी तौर पर उपस्थित होने से एक दिन की छूट देने का अनुरोध किया था। गुप्ता के वकील ने हालांकि उनकी अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि अदालत ने शीला दीक्षित को शनिवार को हर हाल में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। ऐसा लगता है कि वह मामले में जानबूझकर देरी करने का प्रयास कर रही हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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