कोल ब्लॉक आबंटन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 सितंबर तक टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 1993 से 2010 तक हुए सभी आबंटनों को अवैध ठहराया था और अब फैसला इस बात पर होना है कि इन कोल ब्लॉक्स का क्या किया जाए। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि 46 को छोड़कर शेष खदानों का आबंटन रद्द होना चाहिए। अब कोर्ट ने इस पर सभी पक्षों से राय मांगी है जिसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि सारे कोल ब्लॉक आबंटन रद्द नहीं किए जाने चाहिए। देश में पावर की स्थिति गंभीर है अगर सारे आबंटन रद्द कर दिए गए हमें तुरंत नीलामी की प्रक्रिया में जाना पड़ेगा। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि 46 आबंटनों को रद्द करने से बख्शा जाए क्योंकि वो प्रोडक्शन के लिए तकरीबन तैयार हैं। 2 उधर याचिकाकर्ता का कहना है कि सभी खदानों का आबंटन रद्द होना चाहिए क्योंकि कोर्ट ने इन्हें पहले ही गैरकानूनी करार दे दिया है। कोर्ट ने माना था कि आबंटन की प्रक्रिया में किसी भी कानून या दिशानिर्देश का पालन नहीं हुआ था।
Author: JAN TV Editorial Team
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