दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के खिलाफ आम आदमी पार्टी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह दिल्ली विधानसभा भंग करने के मामले में जल्द फैसला करे। इसके लिए केंद्र सरकार को 5 हफ्ते में एक सकारात्मक फैसला लेने और तमाम संभावनाओं के बारे में विचार करने की मोहलत दी गई थी। अदालत ने कहा था कि क्या चुने हुए प्रतिनिधियों को बिना काम के घर में बैठना चाहिए। अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया था कि जब कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है फिर भी विधानसभा लगातार सस्पेंड क्यों है। अगर पार्टियों सरकार बनाने को तैयार नहीं है तो फिर इस स्थिति में जनता क्यों सफर करे। गौरतलब है कि दिल्ली में फरवरी में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था और आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव की मांग की थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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