जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से आई तबाही से अभी भी चार लाख लोग जम्मू और कश्मीर घाटी के अलग अलग इलाकों में फंसे हैं। जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से मरनेवालों की तादाद 200 तक पहुंच गई है और ये आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। वहीं सेना पूरी ताकत से राहत और बचाव के काम में लगी है। 60 से ज्यादा हेलीकॉप्टर बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने और राहत पहुंचाने में जुटे हैं।जम्मू कश्मीर में बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों से सेना.... छक्त्थ् सहित तमाम बचाव दस्तों ने इन इलाकों से करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित निकाला है। राहत की बात ये है कि श्रीनगर और जम्मू में बाढ़ का पानी घटने लगा है। अब राहत के काम पर जोर पर है। गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बांटने के लिए सवा लाख बिस्कुट के पैकेट....एक लाख लीटर पानी और डेढ़ सौ टन तैयार खाने का सामान भेजा। जम्मू और पुंछ के बीच यातायात शुरू हो गया है। सेना और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने इसके लिए लोहे का पुल बनाया है. वहीं एयर इंडिया ने एलान किया है कि जम्मू और कश्मीर बाढ़ में फंसे पर्यटकों को उनके घर मुफ्त में पहुंचाया जाएगा। सेना और छक्त्थ् की टीमें लगातार राहत बचाव के काम में लगी हैं और एयर फोर्स के भी 50 से भी ज्यादा एयरक्राफ्ट बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामाग्री पहुंचाने में जुटे हैं। श्रीनगर लेह राष्ट्रीय राजमार्ग खुल गया है। श्रीनगर लेह राजमार्ग... लद्दाख को कश्मीर से जोड़ता है। जम्मू-कश्मीर में चंडीगढ़, दिल्ली, जोधपुर और चेन्नई से राहत सामान पहुंचाया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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