सीबीआई निदेशक के खिलाफ आरोपों की सुनवाई संबंधी अपील पर विचार को राजी सुप्रीम कोर्ट
(DELHI, India) सुप्रीम कोर्ट सीबीआई निदेशक के आवास पर आगंतुकों की डायरी में दर्ज विवादास्पद प्रविष्ठियों से संबंधित मामले में, व्हिस्लब्लोअर का नाम जाने बिना, जांच एजेंसी के प्रमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सुनवाई संबंधी अपील पर विचार करने के लिए सोमवार को राजी हो गया। न्यायाधीश एच एल दत्तू की अगुवाई वाली पीठ ने 2 जी मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष सरकारी अभियोजक (एसपीपी) से सहायता मांगते हुए कहा कि उसके द्वारा पारित किसी भी आदेश का करोड़ों रुपये के घोटालों से संबंधित मामलों पर असर हो सकता है। पीठ ने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की अपील पर भी सुनवाई के लिए सहमति जतायी, जिसने शीर्ष अदालत से अपील की थी कि वह सीलबंद लिफाफे में व्हिस्लब्लोअर के नाम का खुलासा करने संबंधी अपने पूर्व के आदेश को वापस ले। पीठ ने सीबीआई निदेशक के वकील विकास सिंह की इस याचिका को खारिज कर दिया कि एनजीओ द्वारा सीबीआई फाइल नोटिंग और रजिस्टर समेत दस्तावेजों को लीक करने वाले ‘भेदिये’ के नाम का खुलासा करने से इंकार करने के कारण उच्चतम न्यायालय को मामले की आगे सुनवाई नहीं करनी चाहिए।

Author: JAN TV Editorial Team

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