चीनी घुसपैठ के कुछ संकेत हो सकते हैं : वायुसेना प्रमुख
(DELHI, India) साथ ही उन्होंने कहा कि सीमा के पास रक्षा ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि भारत ‘‘किसी को जमीन नहीं देने जा रहा है’’ उन्होंने कहा कि देश की रक्षा ताकत को बढ़ाने के लिए लद्दाख में दो हवाई अड्डे बनाए जा रहे हैं, आठ अक्तूबर को भारतीय वायुसेना की 82वीं वषर्गांठ से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह हमेशा से रहस्य रहा है कि जिस तरीके से घुसपैठ होती है और विभिन्न दौरे के समय जिस तरीके से यह होता है.. इसमें कुछ भी नया नहीं है, यह हम सबके लिए रहस्य बना हुआ है .’’उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि कूटनीति में काफी कुछ सांकेतिक होता है, खासकर हमारे उत्तरी पड़ोसी के साथ, यह मेरे दिमाग में किसी संकेत का हिस्सा हो सकता है, लेकिन मैं इस पर कोई कयास लगाने नहीं जा रहा हूं कि वास्तव में इसका मतलब क्या है .’’ वह चीन की तरफ से भारतीय सीमा में लगातार हो रहे घुसपैठ के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे, इसमें हाल में चीनी घुसपैठ का मामला शामिल है जब चीन के सैनिक लद्दाख के देमचक में सिंचाई के नहर पर चल रहे काम को रोकने के लिए नागरिकों के रूप में भारतीय सीमा में घुस आये थे,
उन्होंने भारतीय क्षेत्र में शिविर बना लिए थे जिन्हें 27 सितम्बर को नयी दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से चीनी अधिकारियों की मुलाकात के बाद हटा लिया गया था और एक सितम्बर की यथास्थिति बहाल करने का निर्णय किया गया, चीन के कुछ श्रमिक जो अपनी तरफ सड़क बना रहे थे वे भी लद्दाख के चुमार में भारतीय सीमा में चले आए और दावा किया कि उन्हें टिबले तक सड़क बनाने के आदेश हैं जो भारतीय क्षेत्र में पांच किलोमीटर अंदर है, ये घटनाएं तब हुईं जब चीन के राष्ट्रपति 17 सितम्बर को तीन दिवसीय भारत दौरे पर थे,
बहरहाल उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ‘‘जमीन का कोई टुकड़ा नहीं छोड़ने वाला है.’’ राहा ने भारत और चीन की सेना के बार..बार आमने..सामने होने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास दोनों देशों की वास्तविक स्थिति को लेकर अलग..अलग धारणा होने को जिम्मेदार बताया, उन्होंने कहा, ‘‘एलओसी कहां है इसे लेकर अलग..अलग धारणा है.. इस कारण सेना आमने..सामने आ जाती है . बहरहाल हमारे सुरक्षा बल नीतियों का अनुपालन कर रहे हैं.. हम किसी को भी जमीन नहीं दे रहे हैं .’’

Author: JAN TV Editorial Team

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