उन्होंने भारतीय क्षेत्र में शिविर बना लिए थे जिन्हें 27 सितम्बर को नयी दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से चीनी अधिकारियों की मुलाकात के बाद हटा लिया गया था और एक सितम्बर की यथास्थिति बहाल करने का निर्णय किया गया, चीन के कुछ श्रमिक जो अपनी तरफ सड़क बना रहे थे वे भी लद्दाख के चुमार में भारतीय सीमा में चले आए और दावा किया कि उन्हें टिबले तक सड़क बनाने के आदेश हैं जो भारतीय क्षेत्र में पांच किलोमीटर अंदर है, ये घटनाएं तब हुईं जब चीन के राष्ट्रपति 17 सितम्बर को तीन दिवसीय भारत दौरे पर थे,
बहरहाल उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ‘‘जमीन का कोई टुकड़ा नहीं छोड़ने वाला है.’’ राहा ने भारत और चीन की सेना के बार..बार आमने..सामने होने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास दोनों देशों की वास्तविक स्थिति को लेकर अलग..अलग धारणा होने को जिम्मेदार बताया, उन्होंने कहा, ‘‘एलओसी कहां है इसे लेकर अलग..अलग धारणा है.. इस कारण सेना आमने..सामने आ जाती है . बहरहाल हमारे सुरक्षा बल नीतियों का अनुपालन कर रहे हैं.. हम किसी को भी जमीन नहीं दे रहे हैं .’’
Author: JAN TV Editorial Team
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