(JAMMUandKASHMIR, India)
यह संघषर्विराम उल्लंघन की अब तक की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है । सीमा सुरक्षाबल के एक प्रवक्ता ने आज बताया, ‘पाकिस्तानी रेंजरों ने जम्मू जिले के अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 10 सीमा चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर कल रात 10 बजे से बिना उकसावे के भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागे ।’ प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजरों ने सीमावर्ती गांवों और चौकियों को निशाना बनाने के लिए छोटे, स्वचालित और मोर्टार बमों का इस्तेमाल किया । सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया । क्षेत्र में रूक-रूक कर गोलीबारी हो रही है । गोलाबारी में पांच ग्रामीण मारे गए और 29 घायल हो गए।घायलों में से 25 को जम्मू के जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भारी गोलाबारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे सिंह ने बताया कि गोलाबारी में बड़ी संख्या में मकान नष्ट हुए और मवेशी मारे गए हैं । उन्होंने कहा, ‘सीमा पर खतरे वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को वहां से निकाला जाएगा ।’ बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि बल का कोई कर्मी हताहत नहीं हुआ है । जम्मू कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर पिछले चार दिन में संघषर्विराम का यह 11वां उल्लंघन है। पुंछ में नियंत्रण रेखा पर सात बार और जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चार बार संघषर्विराम का उल्लंघन हुआ है । तीन अक्तूबर को पाकिस्तानी सैनिकों और रेंजरों ने कश्मीर घाटी के गुलमर्ग सेक्टर और पुंछ तथा जम्मू सेक्टर में संघषर्विराम का उल्लंघन किया था जिसमें एक लड़की मारी गई थी और छह अन्य लोग घायल हो गए थे । जम्मू में अस्पताल भेजे गए घायलों के परिजनों के चेहरों पर भय साफ देखा जा सकता है । पिंडी गांव के करन सिंह ने कहा, ‘मोर्टार बमों की झड़ी और उनके फटने की आवाज से हमें लग रहा था कि हम किसी भी समय मारे जा सकते हैं।’ रानो देवी ने कहा, ‘पाकिस्तान हमें बार-बार निशाना बनाता रहता है । सरकार को तत्काल कुछ न कुछ करना चाहिए। हम मरने के लिए सीमा पर नहीं रह सकते ।’ कल पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर, पुंछ जिले में स्थित बालनोई सब सेक्टर में अग्रिम भारतीय चौकियों पर सुबह करीब आठ बजे बिना उकसावे के भारी गोलाबारी की थी ।, चार अक्तूबर को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से लगते इलाकों में भीषण गोलाबारी की थी, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया था ।
पाकिस्तानी सैनिकों ने एक और दो अक्तूबर को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर दो बार संघषर्विराम का उल्लंघन किया था जिसमें तीन महिलाओं सहित छह लोग घायल हो गए थे । सेना के अनुसार, जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के मद्देनजर पाकिस्तान आधारित आतंकी नेतृत्व भारी गोलीबारी की आड़ में बड़ी संख्या में आतंकवादियों को घुसाना चाहता है ताकि राज्य में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
उधमपुर आधारित रक्षा प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा था, ‘वे राज्य में विधानसभा चुनाव में खलल डालना चाहते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि बड़ी संख्या में उनके कैडरों का पहले ही सफाया हो चुका है । इसलिए उनकी संख्या बढ़ाने के लिए वे राज्य में अपने अधिक से अधिक लोगों को घुसाने की कोशिश कर रहे हैं । यही वजह है कि संघषर्विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं ।’ इससे पहले, पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से संघषर्विराम उल्लंघन की भीषण घटना 26 अगस्त की रात को हुई थी । पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से 45 दिन से की जा रही भीषण गोलीबारी और गोलाबारी से सीमा पर उत्पन्न तनाव को कम करने के प्रयास के तहत 29 अगस्त को जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में ऑक्टराय बीओपी में दोनों देशों के बीच सेक्टर कमांडर स्तर की महत्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग हुई थी। बीएसएफ के सैनिकों ने 28 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा सेक्टर की बल्लार्ड चौकी में रेंजरों के साथ कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग की थी
Author: JAN TV Editorial Team
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