(DELHI, India)
केंद्र सरकार ने कालाधन मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उन भारतीयों के नामों की सूची पेश की जिनके विदेशी बैंकों में खाते हैं। केंद्र ने करीब 627 लोगों के नामों की सूची सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। जानकारी के अनुसार, सरकार ने तीन सीलबंद लिफाफे कोर्ट को सौंपे हैं। पहले लिफाफे में विदेशी सरकार से संधि का जिक्र है, दूसरे में सभी खाताधारकों के नाम एवं खाते में जमा रकम का जिक्र है। वहीं, तीसरे में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट दी गई है। गौर हो कि केंद्र सरकार ने बीते सोमवार को शीर्ष कोर्ट में हलफनामा दायर कर आठ खाताधारकों के नाम बताए थे। शीर्ष कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे को खोलने से इनकार करते हुए कहा कि दस्तावेज विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश किए जाएं। न्यायालय ने कहा कि सिर्फ विशेष जांच दल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ही खाताधारकों के नामों वाला सीलबंद लिफाफा खोल सकते हैं। एसआईटी इन लिफाफों को खोलकर खाताधारकों के नामों की जांच करेगी। न्यायालय ने विशेष जांच दल से नवंबर के आखिर तक जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि कालाधन मुद्दे पर आगे की जाने वाली कार्रवाई का फैसला विशेष जांच दल करेगा। वहीं, कोर्ट ने केंद्र को दूसरे देशों के साथ हुई विभिन्न संधियों के संबंध में अपनी शिकायतें विशेष जांच दल के आगे रखने की अनुमति दी। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि 31 मार्च, 2015 तक सभी खाताधारकों की जांच पूरी होगी। इनकम टैक्स एक्ट के तहत सभी खाताधारकों की जांच की जाएगी। एचएसबीसी के खाताधारकों की लिस्ट फ्रांस सरकार ने हमें दी थी। इससे पहले, कालाधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिया कि विदेशों में कालाधन जमा करने वाले सभी खाताधारकों के नाम बुधवार तक एसआईटी को सौंप दिए जाएं। केंद्र सरकार के रुख को अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को निर्देश दिया कि 29 अक्टूबर तक विदेशों में कालाधन रखने वाले सभी खाता धारकों के नाम सीलबंद लिफाफे में पेश किए जाएं। कोर्ट ने इस मसले पर सरकार की अनिच्छा को लेकर उसे आड़े हाथ लिया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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