केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सरकार के उत्तरदायी होने के लिए ऑडिट जांच को जरूरी बताते हुए को भारतीय नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक को अपनी रिपोर्टो को सनीसनीखेज बनाने से बचने की सलाह दी। जेटली ने महालेखाकार सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऑडिट जांच करते हुए सीएजी को यह ध्यान रखना चाहिए कि निर्णय हो चुके हैं। सीएजी को निर्णय की नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए। उसे रिपोटों को सनीसनीखेज नहीं बनाना चाहिए और सुर्खियों में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखा परीक्षकों को सक्रिय होना चाहिए, लेकिन साथ ही संयम भी बरतना चाहिए। लेखा परीक्षकों को निर्णयों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार समाप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कुछ ऐसे निर्णय लिए थे जिनके बुरे प्रभाव सामने आ रहे हैं। कोयला ब्लॉक आवंटन का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि इससे संबंधित राज्यों को कोई फायदा नहीं हुआ। नई कोयला ब्लॉक आवंटन में इसका ध्यान रखा गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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