ईडी की जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के जरिए देशभर के निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ऐप के माध्यम से पैसा निवेश कराया गया। इसके बाद फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों और पेमेंट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर इस रकम को घुमाया गया और वैध दिखाने की कोशिश की गई। शुरुआती लेन-देन कई फर्जी यूपीआई आईडी के जरिए किए गए, जिससे रकम को ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
जांच में Bhupesh Arora और उसके सहयोगियों की भूमिका भी सामने आई है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने जटिल नेटवर्क बनाकर इस धन को विभिन्न कंपनियों और विदेशी चैनलों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और आगे भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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