मोबाइल ऑपरेटरों के सुझावों के आधार पर दूरसंचार विभाग (डॉट) ने स्पेक्ट्रम नीलामी के तीसरे दौर की शर्तो में 24 बदलाव किए हैं। उद्योग ने नीलामी से संबंधित 276 सवाल डॉट से पूछे थे। शर्तो में बदलाव से स्पेक्ट्रम महंगे होने की आशंका है। साथ ही 4जी तकनीक के देश में जल्द बढ़ने का रास्ता साफ होने की उम्मीद जगी है। डॉट ने नीलामी के लिए तीन फरवरी की तारीख तय की है। नई शर्तो के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को ट्रायल से एक साल पहले बताना होगा कि वह कौन सी तकनीक इस्तेमाल करेंगे। इस नियम में 2जी (जीएसएम एवं सीडीएमए) और 3जी तकनीक शामिल नहीं है। ये जानकारी उन्हें स्पेक्ट्रम हासिल होने के एक महीने के अंदर देनी होगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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