खजाने की सेहत सुधारने में जुटी केंद्र सरकार ने विनिवेश प्रक्रिया से बचने वाली कंपनियों की नकेल कसनी शुरू कर दी है। आखिरी दो महीने में चार कंपनियों के विनिवेश का एलान कर चुकी सरकार ने पाइपलाइन में शामिल अन्य कंपनियों से स्पष्ट कर दिया है कि अगर वे सरकारी इक्विटी के बिक्री प्रस्ताव में हीलाहवाली बरतेंगी तो उन्हें विशेष लाभांश देना होगा। वित्त मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि कोल इंडिया समेत उन तमाम कंपनियों को साफ कह दिया गया है कि विनिवेश से संबंधित फैसले लेने में देर न करें। अगर ये कंपनियां विनिवेश नहीं करती हैं तो उन्हें सरकार को एकमुश्त विशेष लाभांश देना होगा। कोल इंडिया ने इस महीने की 14 तारीख को ही बोर्ड की बैठक बुलाई है। इसी बैठक में कंपनी का निदेशक मंडल अंतरिम लाभांश पर विचार करेगा। सरकारी बैंकों को भी लाभांश देने के लिए कहा गया है। इसके लिए बैंकों के बोर्ड की धड़ाधड़ बैठकें हो रही हैं। यूनियन बैंक ने 27 फीसद के अंतरिम लाभांश की घोषणा भी कर दी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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