(India)
मायाराम ने बातचीत में कहा, 'मुद्रास्फीति की समस्या बनी रहेगी। हमारा मानना है कि इसमें निकट भविष्य में थोड़ा सुधार होगा। लेकिन लम्बे समय में मुद्रास्फीति को छोटे इकाई अंकों तक सीमित रखने के लिए हमें सब्जियों का उत्पादन बढ़ाना होगा और इसकी धुलाई आदि के प्रबंध में सुधार करने होंगे।' थोक मूल्य पर और खुदरा मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति की दरें नवंबर में क्रमश: 7.52 और 11.24 प्रतिशत रहीं। मुद्रास्फीति का यह दबाव मुख्य रूप से सब्जियों तथा प्रोटीन के श्रोत वाले खाद्य उत्पादों की महंगाई की वजह से है।
Author: JAN TV Editorial Team
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