Jefferies ने Paytm के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखा है, जो मौजूदा स्तर से करीब 18% की संभावित बढ़त दर्शाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने पिछले दो साल में बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव किए हैं। इसमें वॉलेट बिजनेस बंद करना, UPI सेवाओं को दूसरे बैंकों में शिफ्ट करना, इंटर-कंपनी एग्रीमेंट खत्म करना और पेमेंट्स बैंक में निवेश को राइट-ऑफ करना शामिल है।
ब्रोकरेज का कहना है कि Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द होने का Paytm के ऑपरेशंस पर सीमित असर पड़ेगा, क्योंकि कंपनी की सेवाएं पहले से ही अन्य पार्टनर बैंकों के जरिए सुचारू रूप से चल रही हैं।
Jefferies का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच Paytm की आय में करीब 22% की सालाना वृद्धि (CAGR) हो सकती है। वहीं, वित्तीय सेवाओं का कारोबार 28% की दर से बढ़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि FY28 तक कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 1,700 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि EBITDA मार्जिन भी 16% तक सुधरने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज के अनुसार, Paytm अब ऐसे दौर में है जहां स्केल बढ़ने के साथ लागत में कमी और मुनाफे में विस्तार देखने को मिलेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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